29 Sep 2017

पतझड़ | Autumn

पतझड़

आज दरवाज़े पर
एक कुरमुराय सा पीला पत्ता देखा
तो अहसास हुआ कि
सावन खत्म हो रहा है, 
ये जो बारिश के काले बादल है, 
वो अपने घर वापस लौट रहे है।

इस अहसास से
मन इस पीले पत्ते जैसे
सिकुड़ सा गया।

अभी अभी तो आये थे ये बादल,
अभी अभी जा भी रहे है,
ऑफिस के ऐसी
और बिना खड़कियो वाली दीवारों में बंद
इनके बरसने का पता ही नही चला।

खैर, अब पतझड़ आ गया है,
तो ठंड भी आती ही होगी,
ऊनि कपड़ो के बीच शायद
इस उदास मन को थोड़ी गर्माहट मिलेगी।

A rough translation.



Autumn. 

I saw a crumbled yellow leaf
on my door today,
and realized that the monsoon is over,
these black clouds are going home.

My heart shrank like the yellow leaf.

The clouds had just come,
And they are leaving now,
Locked inside an Air-conditioned and a windowless office,
I didn't see them pouring.

Anyway, Autumn is here,
winter be arriving soon,
between the woolen layers,
I hope the heart will have some warmth.

In Picture, a Double exposure of a yellow leaf and cloudy sky.

0 comments:

Post a Comment

Hey there! What do you think about this post?